छोटी-छोटी बातें जो हमारे दिनभर के अनुभव को आरामदायक बनाती हैं। कोई कठोर नियम नहीं, बस अपने शरीर और समय का बेहतर प्रबंधन।
गर्म मौसम और एसी वाले ऑफिस दोनों में ही शरीर को पानी की ज़रूरत होती है। हम अक्सर चाय-कॉफी तो पीते हैं, लेकिन सादा पानी पीना भूल जाते हैं। अपनी डेस्क पर पानी की एक साफ बोतल रखना एक अच्छी शुरुआत है।
लगातार स्क्रीन देखने से आँखें और दिमाग थक जाते हैं। हर एक-दो घंटे में 5 मिनट के लिए अपनी जगह से उठकर थोड़ा टहलना या खिड़की से बाहर देखना बहुत मददगार होता है।
सोने से कम से कम आधा घंटा पहले मोबाइल फोन दूर रख दें। एक अच्छी और गहरी नींद अगले दिन की भागदौड़ के लिए शरीर को फिर से तैयार करती है।
भारत के बड़े शहरों में कम्यूट (सफर) में काफी समय जाता है। बस, लोकल ट्रेन या ट्रैफ़िक में रहने के बाद जब हम घर पहुँचते हैं, तो शरीर थका हुआ होता है।
ऐसे में घर पहुँचकर तुरंत घर के कामों में लगने के बजाय, 10-15 मिनट सिर्फ शांति से बैठना, हाथ-मुँह धोना और आराम करना ज़रूरी है। इससे ऑफिस का तनाव घर के माहौल में नहीं आता।
दिन की शुरुआत अगर भागदौड़ के बिना हो, तो पूरा दिन अच्छा जाता है। 15 मिनट जल्दी उठकर खुद को चाय पीने और शांति से तैयार होने का समय दें। नाश्ता कभी न छोड़ें, चाहे वह कितना भी साधारण क्यों न हो।
शाम का समय शरीर को आराम देने के लिए होता है। काम के ईमेल या ऑफिस की बातें घर पर न लाएं। परिवार के साथ समय बिताना, हल्का संगीत सुनना या कोई किताब पढ़ना दिमाग को शांत करता है।